मां स्कंदमाता

नवरात्र के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। मां का सुंदर रूप कुछ इस प्रकार है- देवी स्कंदमाता कमल के पुष्प पर विराजित अभय मुद्रा में होती हैं। मां का रूप बहुत निराला है, उनके रूप में एक अजब प्रकार का तेज होता है। पौराणिक तथ्यों के अनुसार स्कंदमाता ही हिमालय की पुत्री पार्वती … Read more

Legends associated with Durga Puja (Navratri)

Lord Rama

Legends of Navratri (Durga Puja) Durga Puja or Navratri is an integral part of the Hindu culture in India. Celebrated in between September to November throughout the country, this Puja is considered to be one of the most complex and difficult puja out of all the Hindu ceremonies. It is a nine days long affair … Read more

Maa Kushmanda

Kushmanda Devi - worshipped on fourth day of Navratri

Maa Kushmanda is the fourth manifestation of Goddess Durga. On the fourth day of Navratri Pooja, worship of Devi is performed giving her whole reverence. She nurtures the entire universe with her divine and gentle smile that revered her with name ‘Kushmanda’. Describing Maa Kushmanda She is depicted as seated on a lion, and possesses … Read more

माँ चंद्रघंटा – Maa Chandraghanta Story in Hindi

माँ दुर्गा की 9 शक्तियों की तीसरी स्वरूपा भगवती चंद्रघंटा की पूजा नवरात्र के तीसरे दिन की जाती है. माता के माथे पर घंटे आकार का अर्धचन्द्र है, जिस कारण इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है. इनका रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है. माता का शरीर स्वर्ण के समान उज्जवल है. इनका वाहन सिंह है और इनके … Read more

Maa Shailputri

Maa Shailputri

The first form of mother Durga among the nine is Shailputri. She has a half moon in her forehead; she is mounted on the bullock and holds a lance in her hand. She is known as Shailputri, because she has incarnated from Himalaya, the Emperor of mountains. Mounting a bullock the mother has a lance in … Read more

माँ शैलपुत्री

Shailputri - Durga goddess first form - Navaratri

भगवती माँ दुर्गा अपने पहले स्वरुप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं ! पर्वतराज हिमालय के यहाँ पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका शैलपुत्री नाम पड़ा था! वृषभ – स्थिता इन माता जी के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प सुशोभित हैं ! यही नव दुर्गों … Read more