Famous shloka of Durga Saptashati

Important shloka from Durga Saptashati

Durga is omnipresent as the embodiment of power, intelligence, peace, wealth, morality etc.

Devi Mantras are known as Siddhi Mantra (the one with perfection). Each and every mantra is full of energy and power of Devi. Mantras of Devi, when chanted with genuine devotion, give positive results. These mantras ward off all troubles & blesses with success. All mantras are disclosed by the Almighty, through the Intelligence, experience of the divinely illuminated sages.

 

Chaya rupena sansthita - Maa Durga Shloka
Chaya rupena sansthita – Maa Durga Shlokaus

या देवी सर्वभुतेषु छायारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Chaayaa-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

To the Divine Goddess who resides in all existence in the form of energy.

या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो देवी सभी प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

Shakti Rupena Sansthita
Shakti Rupena Sansthita

या देवी सर्वभुतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Shakti-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

Lakshmi rupena sansthita
Lakshmi rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Lakssmii-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

Buddhi rupena sansthita
Buddhi rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

जो देवी सभी प्राणियों में बुद्धि के रूप में स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है। आपको मेरा बार-बार प्रणाम है।

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Buddhi-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

Kanti rupena sansthita
Kanti rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Kaanti-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

Shraddha rupena sansthita
Shraddha rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Shraddhaa-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

Kshanti rupena sansthita
Kshanti rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

Yaa Devii Sarva-Bhutessu Kssaanti-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

जो देवी सब प्राणियों में सहनशीलता, क्षमा के रूप में स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

Daya rupena sansthita
Daya rupena sansthita

या देवी सर्वभुतेषु दयारूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
Yaa Devii Sarva-Bhutessu Dayaa-Ruupenna Samsthitaa |
Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||

 

या देवी सर्वभूतेषु विद्या-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो देवी सब प्राणियों में विद्या के रूप में विराजमान हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है। मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ।

या देवी सर्वभूतेषु स्मृति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो देवी सभी प्राणियों में  स्मृति (स्मरणशक्ति) रूप से स्थित हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

 

Vijaya Dashmi Mantra
Vijaya Dashmi Mantra